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(PRELIMS  Focus)


वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (Financial Action Task Force -FATF)

श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय संबंध

प्रसंग:

वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) के बारे में:

स्रोत:


राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी)

श्रेणी: राजनीति और शासन

प्रसंग:

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के बारे में:

स्रोत:


निंगोल चाकोबा महोत्सव (Ningol Chakouba Festival)

श्रेणी: इतिहास और संस्कृति

प्रसंग:

निंगोल चाकोबा महोत्सव के बारे में:

मेइतेई समुदाय के बारे में:

स्रोत:


उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना

श्रेणी: सरकारी योजनाएँ

प्रसंग:

उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक ) योजना के बारे में:

स्रोत:


कॉलेजियम प्रणाली

श्रेणी: राजनीति और शासन

प्रसंग:

कॉलेजियम प्रणाली के बारे में:

स्रोत:


(MAINS Focus)


सौर प्रकाश का दोहन: वैश्विक सौर आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत

(जीएस पेपर 3 - बुनियादी ढांचा: ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण)

 

संदर्भ (परिचय)

भारत अपनी क्षमता और घरेलू विनिर्माण में तेज़ी से वृद्धि के साथ विश्व का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक बनकर उभरा है। हालाँकि, इस प्रगति को बनाए रखने के लिए निर्यात का विस्तार और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन ढाँचे के माध्यम से, विशेष रूप से अफ्रीका में, अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों का लाभ उठाना आवश्यक है।

 

मुख्य तर्क

 

आलोचनाएँ / चुनौतियाँ

 

सुधार और आगे की राह 

 

निष्कर्ष

भारत का सौर क्षेत्र - आत्मनिर्भरता से वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता की ओर संक्रमण के कारण एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है । नीतिगत कमियों को पाटकर, मूल्य-श्रृंखला की गहराई बढ़ाकर और आईएसए के माध्यम से दक्षिण-दक्षिण सहयोग को बढ़ावा देकर, भारत सौर समाधानों का एक विश्वसनीय वैश्विक आपूर्तिकर्ता बन सकता है , और औद्योगिक विकास को जलवायु न्याय के साथ जोड़ सकता है।

 

मुख्य परीक्षा प्रश्न:

"सौर ऊर्जा उत्पादन में भारत की सफलता अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा में परिवर्तित होनी चाहिए। भारत के लिए, विशेष रूप से अफ्रीका जैसे विकासशील क्षेत्रों में, एक प्रमुख सौर ऊर्जा आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरने की चुनौतियों और अवसरों का परीक्षण कीजिए।" (250 शब्द, 15 अंक)

 

स्रोत: द हिंदू 


STEM राष्ट्रवाद से परे उच्च शिक्षा की पुनर्कल्पना (Re-imagining Higher Education Beyond STEM Nationalism)

(जीएस पेपर 2 – शासन: विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए सरकारी नीतियां और हस्तक्षेप तथा उनके डिजाइन और कार्यान्वयन से उत्पन्न मुद्दे)

 

संदर्भ (परिचय)

यद्यपि STEM में प्रतिभा पलायन को रोकना एक वैध लक्ष्य है, उच्च शिक्षा के लिए भारत की महत्वाकांक्षा केवल औद्योगिक पाइपलाइनों के निर्माण से कहीं अधिक व्यापक होनी चाहिए। वास्तविक शैक्षणिक शक्ति अन्वेषण, स्वायत्तता, अंतःविषयकता और खुलेपन में निहित है – न कि केवल रणनीतिक STEM राष्ट्रवाद में।

 

मुख्य तर्क

 

आलोचनाएँ / कमियाँ

 

सुधार और आगे की राह 

 

निष्कर्ष

भारत उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक दोराहे पर खड़ा है। प्रतिभा पलायन को रोकने और वैश्विक अनुसंधान क्षमता निर्माण का प्रयास सराहनीय है, लेकिन इसके साथ एक गहन परिवर्तन भी आवश्यक है: एक संकीर्ण साधनात्मक मॉडल – “उद्योग पोषक के रूप में विश्वविद्यालय” – से हटकर , अन्वेषण, स्वायत्तता, अंतःविषयता और खुलेपन के एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र की ओर ।

 

मुख्य परीक्षा प्रश्न

प्रश्न: भारत की उच्च शिक्षा रणनीतिक STEM विकास पर अधिकाधिक केंद्रित हो रही है। इस दृष्टिकोण के अवसरों और चुनौतियों का परीक्षण कीजिए, तथा शैक्षणिक स्वतंत्रता और सामाजिक प्रासंगिकता सुनिश्चित करने के उपाय सुझाइए। (250 शब्द, 15 अंक)

 

स्रोत: द इंडियन एक्सप्रेस

 

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