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(PRELIMS + MAINS FOCUS)


राजस्थान राजनीतिक संकट: राज्यपाल की शक्ति पर संवैधानिक प्रावधान

Rajasthan crisis: Constitution on governor’s power

Part of: GS Prelims and Mains II – शासन व्यवस्था, राज्यपाल, केन्द्रराज्य संबंध

प्रसंग:

राजस्थान के राज्यपाल ने राज्य सरकार को बताया कि एक विधानसभा सत्र को अल्प सूचना पर लेकिन कुछ शर्तों के साथ बुलाया जा सकता है – 

परीक्षा के दृष्टिकोण से, हमें निम्नलिखित की जानकारी होनी चाहिए

  1. सदन को आहुत करने की शक्तियां किसके पास हैं?
  2. किसी विधानसभा को आहुत करने, सत्रावसान करने या भंग करने की राज्यपाल की शक्ति के बारे में कानून क्या कहता है?
  3. सदन को बुलाने की राज्यपाल की शक्ति के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने अतीत में क्या कहा है?
  4. संविधान सभा में इस मुद्दे से संबंधित चर्चा 

सदन को बुलाने की शक्तियां किसके पास हैं?

किसी विधानसभा को आहुत करने, सत्रावसान करने या भंग करने की राज्यपाल की शक्ति के बारे में कानून क्या कहता है?

संविधान में दो प्रावधान हैं जो एक विधानसभा को बुलाने, सत्र शुरू करने और भंग करने के लिए एक राज्यपाल की शक्ति का प्रावधान करते हैं।

  1. अनुच्छेद 174 के तहत, राज्यपाल जब उचित समझे, किसी एक निश्चित समय और स्थान पर सदन को बुला सकता है। अनुच्छेद 174 (2) (a) में कहा गया है कि राज्यपालसमयसमय परसदन का सत्रावसान कर सकता है तथा अनुच्छेद 174 (2) (b) राज्यपाल को विधान सभा भंग करने की अनुमति देता है।
  2. अनुच्छेद 163 कहता है कि राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह के साथ शक्ति का प्रयोग करेगा। लेकिन इसमें यह भी कहा गया है कि अगर संविधान के अनुसार निर्णय उसकी विवेकाधिकार शक्ति से संबंधित  है तो  उसमें मंत्रिपरिषद की सलाह की आवश्यकता नहीं होगी।

आमतौर पर, आहुत करने, सत्रावसान करने या भंग करने की शक्तियों की रूपरेखा बनाने के लिए अनुच्छेद-174 और 163 को एक साथ पढ़ा जाता है।

अनुच्छेद 163 (1) अनिवार्यतः राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों का उपबंध करता है, जिसमें केवल उन मामलों पर जहाँ संविधान स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट करता है कि इसके अधीन राज्यपाल से यह अपेक्षित है कि वह अपने विवेकानुसार कार्य करे

सदन को बुलाने की राज्यपाल की शक्ति के बारे में उच्चतम न्यायालय ने अतीत में क्या कहा है?

राजस्थान का मामला

अनुच्छेद 174 पर संविधान सभा  में चर्चा   


दिल्ली सरकार द्धारारोज़गार बाज़ारपोर्टल का  शुभारंभ

Delhi government launches job portal: Rozgaar Bazaar

Part of: GS Mains II and III – सरकारी योजनाएं और पहलअर्थव्यवस्थासंवृद्धि और विकासरोज़गार

रोज़गार बाज़ार के बारे में:

लाभ:

कार्यान्वयन हम उपरोक्त पहलरोज़गार बाज़ारका हवाला दे सकते हैं और मुख्यमंत्री घर घर राशन योजनाका भी, जिसे हम उदाहरण के रूप में हाल ही में पढ़े हैं या सुशासन और सकारात्मक सरकारी उपायों का अध्ययन करते हैं, जिसे अन्य राज्य भी लागू या अनुसरण कर सकते हैं।


खाद्य सुरक्षा पर सोफी (SOFI), 2020 रिपोर्ट

SOFI 2020 Report on Food Security

Part of: GS Prelims and Mains I and II – गरीबी/ स्वास्थ्य; सामाजिक/ कल्याण मुद्दे; खाद्य सुरक्षा

सोफी के बारे में:

SOFI 2020 रिपोर्ट के मुख्य बिन्दु:


समाचारों में स्थान: सूडान का दारफुर क्षेत्र

समाचार में नृजातीय समुदाय/ जनजाति: मसलित समुदाय

Ethnic community/tribe in news: Masalit community

Part of: GS Prelims and Mains I and II – मानचित्र आधारितमानवीय भूगोलअंतरराष्ट्रीय मामले

समाचार में क्यों??

Link: Sudan-Darfur 

मानचित्र कार्यकलापनिम्नलिखित स्थान को चिन्हित करें 

  1. सूडान की राजधानी, खार्तूम
  2. दारफुर
  3. लाल सागर
  4. सीमावर्ती राष्ट्र

मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय

United Nations Office for the Coordination of Humanitarian Affairs (OCHA)

Part of: GS Prelims and Mains II – अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की भूमिका

(OCHA) के बारे में:


समाचार में : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

Part of: GS Prelims – भूगोलमानचित्र आधारित 

होर्मुज जलडमरूमध्य के बारे में:

Link: Strait of Hormuz


समाचार में : ओकावांगो डेल्टा, बोत्सवाना

Place in news: Strait of Hormuz

Part of: GS Prelims and Mains I and III – भूगोलमानचित्र आधारित; संरक्षण 

समाचारों में क्यों?

ओकावांगो डेल्टा के बारे में

Link: Botswana

बोत्सवाना के बारे में


समाचार में संरक्षित क्षेत्र: नागार्जुनसागर श्रीशैलम टाइगर रिजर्व (NSTR)

Protected Area in news: Nagarjunasagar Srisailam Tiger Reserve (NSTR)

Part of: Prelims – संरक्षण; संरक्षित क्षेत्र

इसके बारे में:


विविध

ऑपरेशन ब्रीदिंग स्पेस

“Operation Breathing Space”

Part of: GS Prelims and Mains II – भारत और इजराइल संबंध; अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध


भारतबांग्लादेश: राम मंदिर निर्माण को लेकर चिंता

India-Bangladesh: Concern over Ram temple construction

Part of: GS Prelims and Mains II – भारत और उसके पड़ोसी संबंध

समाचार में:


अर्थव्यवस्था में पुन:सुधार हेतु आवश्यक उपाय

Measures needed to re-ignite economy

Part of: GS Mains III – आरबीआई (RBI) द्वारा उपाय; अर्थव्यवस्थासंवृद्धि और विकास

संदर्भ:

RBI गवर्नर ने प्रगति के लिए 5 क्षेत्रों को चिह्नित किया

  1. लक्षित बुनियादी ढाँचा (मेगा बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ जैसे उत्तरदक्षिण और पूर्वपश्चिम एक्सप्रेसवे, हाईस्पीड रेल गलियारे)
  2. कृषिक्षेत्र
  3. नवीकरणीय ऊर्जा
  4. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) और स्टार्टअप
  5. मूल्य आपूर्ति श्रृंखला (value supply chains)

उन्होंने कहा कि इनमें क्षमता का उपयोग भारत को राष्ट्रों की लीग में नेतृत्व की स्थिति में लाने में सक्षम हो सकता है।


न्याय में देरी, न्याय से वंचितता है

Justice delayed is justice denied

Part of: GS Mains II – शासन; न्यायिक सुधार

मुख्य तथ्य:


(MAINS FOCUS)


अंतर्राष्ट्रीय संबंध/सुरक्षा

Topic: General Studies 2:

भारतश्रीलंका संबंध: आधुनिक साधन, सदियों प्राचीन ज्ञान

India-Sri Lanka relations: Modern tools, age-old wisdom

प्रसंग: COVID पश्चात विश्व में द्विपक्षीय संबंधों को पुनर्जीवित और मजबूत बनाने की आवश्यकता है

एक संक्षिप्त पृष्ठभूमि 

भारत में श्रीलंका का महत्व

संबंधों में चिंताएं

आगे का राह

निष्कर्ष

अनेक देशों में महामारी के कारण कई देशों के पिछड़ने के कारण, यह दोनों देशों के लिए साझेदारी के नवीकरण और पुनरोद्धार पर ध्यान केंद्रित करने का एक अवसर है।

Connecting the dots:


आपदा प्रबंधन/ शासन/ अर्थव्यवस्था

Topic: General Studies 2,3:

जलवायुलचीला बुनियादी ढांचे की आवश्यकता

Need for climate-resilient infrastructure

प्रसंग: हालिया असम बाढ़ ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है, जो नीति निर्माताओं को ढाँचागत विकास के बारे में पुनर्विचार हेतु संदर्भित करता है

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, बाढ़ ने 2,323 गाँवों को नष्ट कर दिया है, 110,000 हेक्टेयर में फसल क्षेत्र, परिवहन और संचार नेटवर्क, स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को बाधित तथा 2.49 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित किया हैं

क्या असम राज्य में बाढ़ एक प्रकृतिक घटना है?

यदि यह एक आवर्ती (बारबार होने वाली) घटना है, तो इसके प्रभाव को कम करने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?

क्या  आप जानते हैं?

आगे की राहजलवायु के लिए व्यापक नीति योजना, लचीला बुनियादी ढाँचा 

  1. भारत की विकास नीतियाँ बुनियादी ढांचे के निर्माण में जलवायु लचीलापन चिंताओं के प्रभावी एकीकरण पर कोई स्पष्ट ध्यान नहीं देती हैं।
  2. जलवायु परिवर्तनकारी बुनियादी ढाँचे के लिए एक व्यापक नीति ढाँचा बदलती जलवायु परिस्थितियों के लिए पूर्वानुमान, तैयारी और अनुकूलन के द्वारा सामाजिकआर्थिक कमजोरियों को काफी कम कर सकता है।
  3. योजना, डिज़ाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव से बुनियादी ढांचे के विकास के सभी पहलुओं में जलवायु लचीलापन को एकीकृत करने के लिए एक आक्रामक रणनीति।
  4. भारत की महत्वपूर्ण अवसंरचना को उनमें उत्पन्न व्यवधानों का सामना करने, उनका जवाब देने और तेज़ी से पुनर्प्राप्त करने के लिए बनाया जाना चाहिए।
  5. बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राष्ट्रीय सरकार की प्रमुख योजनाएं जैसे कि AMRUT, स्मार्ट शहरी मिशन या प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) को जलवायु लचीले मानकों को अपनाने पर अधिक जोर देना चाहिए।
  6. जलवायु परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPCC) स्थानीय सरकारों को अपने विकास परियोजनाओं में जलवायु अनुकूलन और शमन रणनीतियों को शामिल करने के लिए अनिवार्य करती है।  इसे ज़मीनी स्तर पर ठोस आधारों के साथ लागू किया जाना चाहिए।
  7. मॉडल बिल्डिंग बाईलॉ 2016 (Model Building Bye-laws 2016) के प्रावधानों का पालन करना जो इमारतों और जलवायुलचीला निर्माण के जोखिम वर्गीकरण के लिए प्रावधान प्रदान करता है।
  8. राज्यों के अधिकांश महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे जैसे कि आवास, पानी की व्यवस्था, परिवहन नेटवर्क, आदि का अपटूडेट रिकॉर्ड नहीं रहता है, जो उचित भूमि उपयोग योजना को सूचित कर सकते हैं।  राज्यों को ऐसे डेटा को तत्कालता के साथ अद्यतन करना चाहिए।
  9. जलवायु मॉडलिंग के लिए तकनीकी क्षमता और आयोजन को मजबूत करने की आवश्यकता है। 
  10. भारत को आपदाओं की भविष्यवाणी के लिए अपनी मौजूदा संस्थागत जलवायु क्षमताओं को सामूहिक रूप से एकत्रित करना चाहिए। इसमें इसरो, NRSA और IMD को व्यापक मानचित्र बनाने के लिए शामिल किया जाएगा, जो लचीले बुनियादी ढांचे के निर्माण पर डिज़ाइन, योजना और वितरण का मार्गदर्शन कर सकते हैं।

जलवायु के संबंध में लचीले बुनियादी ढांचे का महत्व

निष्कर्ष

चरम जलवायुविवशता दुनिया में चरम घटनाएँनया सामान्यबन रही हैं, भारत के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को उनके द्वारा उत्पन्न व्यवधानों का सामना करने, उनका जवाब देने और तेज़ी से पुनर्प्राप्त करने के लिए बनाया जाना चाहिए।

Connecting the dots:


(TEST YOUR KNOWLEDGE)


मॉडल प्रश्न: (You can now post your answers in comment section)

ध्यान दें

Q.1) राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच संबंधों से संबंधित, संविधान के निम्नलिखित प्रावधानों में से कौन सा गलत है?

  1. मुख्यमंत्री को राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाएगा तथा अन्य मंत्रियों को मुख्यमंत्री की सलाह पर राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाएगा।
  2. दिल्ली के मुख्यमंत्री को उपराज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाता है।  
  3. राज्यपाल की इच्छा के अनुसार मंत्री पद धारण करेंगे।
  4. मुख्यमंत्री विधायकों को राज्य विधान मंडल के सत्रों को बुलाने और स्थगित करने के संबंध में सलाह देते हैं।

Q.2) भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री को राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाएगा?

  1.  अनुच्छेद 174
  2.  अनुच्छेद 164
  3.  अनुच्छेद 163
  4.  अनुच्छेद 168

Q.3) विश्व में खाद्य सुरक्षा और पोषण स्थिति (SOFI) रिपोर्ट किसके द्वारा जारी की गई है

  1. FAO और संयुक्त राष्ट्र संगठन
  2. WB और WHO
  3. WHO और IMF
  4. WB और FAO

Q.4) ओकावांगो डेल्टा कहाँ स्थित है

  1. दक्षिण अफ्रीका
  2. सूडान
  3. बोत्सवाना
  4. दारफुर

Q.5) नागार्जुनसागर श्रीशैलम टाइगर रिज़र्व (NSTR) कहाँ स्थित है

  1. कर्नाटक
  2. केरल
  3. तमिलनाडु
  4. आंध्र प्रदेश

ANSWERS FOR 27th July 2020 TEST YOUR KNOWLEDGE (TYK)

1 D
2 A
3 D
4 B
5 A
6 A

अवश्य पढ़ें 

EIA अधिसूचना के मसौदे के बारे में: 

The Hindu

स्वास्थ्य सेवा को पुनर्संरचित करने के अवसर के बारे में:

The Hindu

चीन की मुखर राजनीति के बारे में:

The Indian Express

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