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(PRELIMS  Focus)


चक्रवात (Cyclones)

श्रेणी: भूगोल

प्रसंग:

चक्रवात के बारे में:

उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के बारे में:

अतिरिक्त उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के बारे में:

स्रोत:


सरदार वल्लभभाई पटेल

श्रेणी: इतिहास और संस्कृति

प्रसंग:

सरदार वल्लभभाई पटेल के बारे में:

स्रोत:


ज्ञान भारतम मिशन (Gyan Bharatam Mission)

श्रेणी: सरकारी योजनाएँ

प्रसंग:

ज्ञान भारतम मिशन के बारे में:

स्रोत:


संयुक्त राष्ट्र (United Nations)

श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय संबंध

प्रसंग:

   

संयुक्त राष्ट्र के बारे में:

संयुक्त राष्ट्र महासभा के बारे में:

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बारे में:

स्रोत:


एशियाई पाम सिवेट (Asian Palm Civet)

श्रेणी: पर्यावरण और पारिस्थितिकी

प्रसंग:

एशियाई पाम सिवेट के बारे में:

स्रोत:


(MAINS Focus)


भारत के बच्चों के स्वास्थ्य अधिकारों का सम्मान (Respecting the Health Rights of India’s Children)

(जीएस पेपर 2: स्वास्थ्य नीतियां, सामाजिक न्याय और कमजोर वर्ग)

 

संदर्भ (परिचय)

दूषित कफ सिरप से 25 बच्चों की मौत भारत के बाल चिकित्सा दवा विनियमन में खामियों को उजागर करती है। असुरक्षित दवाओं पर प्रतिबंध के बावजूद, अपर्याप्त निगरानी, कमज़ोर फार्माकोविजिलेंस और भारत-विशिष्ट बाल चिकित्सा दिशानिर्देशों का अभाव संविधान के अनुच्छेद 39(f) के तहत बच्चों के स्वास्थ्य अधिकारों के साथ समझौता करता है।

 

बाल चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा में वर्तमान चुनौतियाँ

 

कानूनी और नीतिगत ढांचा

 

आर्थिक और सामाजिक विचार

 

अंतर्राष्ट्रीय सबक और जिम्मेदारियाँ

 

सुझाए गए सुधार / सिफारिशें

 

निष्कर्ष:
बच्चे आश्रित और सुभेद्य होते हैं; उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सक्रिय नीति, कठोर नियामक निगरानी और जन जागरूकता की आवश्यकता है। भारत को चिकित्सा त्रासदियों को रोकने, सुरक्षित बाल चिकित्सा दवाइयाँ सुनिश्चित करने और संवैधानिक स्वास्थ्य अधिकारों को बनाए रखने के लिए एक समग्र, भारत-विशिष्ट ढाँचा स्थापित करना होगा।

 

मुख्य परीक्षा प्रश्न

प्रश्न: भारत में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों का परीक्षण कीजिए तथा समावेशी और सतत स्वास्थ्य देखभाल के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के अनुरूप कदम सुझाइए। (250 शब्द, 15 अंक)


आसियान (ASEAN) के साथ भारत की रणनीतिक भागीदारी

(जीएस पेपर 2: अंतर्राष्ट्रीय संबंध – भारत और उसके पड़ोसी)

 

संदर्भ (परिचय)

1992 में शुरू हुई आसियान के साथ भारत की भागीदारी, 2022 तक वार्ता साझेदारी से व्यापक रणनीतिक साझेदारी में विकसित हो गई है। बहुध्रुवीय और अस्थिर भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच, आसियान भारत की एक्ट ईस्ट नीति और एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत (एफओआईआईपी) के दृष्टिकोण का केंद्र है।

 

भारत-आसियान संबंधों का ऐतिहासिक विकास

 

प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका और भू-राजनीतिक महत्व

 

वर्तमान भू-राजनीतिक संदर्भ

 

आर्थिक और सामरिक आयाम

 

सुधार / सिफारिशें

 

निष्कर्ष:
बहुध्रुवीय हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की क्षेत्रीय रणनीति में आसियान केंद्रीय भूमिका निभाता है। व्यापार, सुरक्षा और सांस्कृतिक जुड़ाव को मज़बूत करने से भारत भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं का सामना करते हुए एक स्थिरकारी शक्ति के रूप में कार्य कर सकेगा और मोदी के सहयोगी एवं समावेशी एशिया के दृष्टिकोण को साकार कर सकेगा।

 

मुख्य परीक्षा प्रश्न

प्रश्न: भारत-आसियान संबंधों के विकास का परीक्षण कीजिए और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक एवं आर्थिक प्राथमिकताओं का आकलन कीजिए। क्षेत्रीय स्थिरता और अपनी एक्ट ईस्ट नीति को मज़बूत करने के लिए भारत आसियान का लाभ कैसे उठा सकता है?

 

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