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(PRELIMS  Focus)


लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (Small Satellite Launch Vehicle (SSLV)

श्रेणी: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

प्रसंग: इसरो ने औपचारिक रूप से अपने लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) प्रौद्योगिकी को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को हस्तांतरित करने पर सहमति व्यक्त की है, जो भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के निजीकरण में एक बड़ा कदम है।

मुख्य समझौते का विवरण

सामरिक महत्व

Learning Corner:

लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) इसरो का नवीनतम प्रक्षेपण यान है, जिसे छोटे उपग्रहों को शीघ्रतापूर्वक और लागत प्रभावी ढंग से प्रक्षेपित करने की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

प्रमुख विशेषताऐं

लाभ

पहली उड़ान

स्रोत: द हिंदू


कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC)

श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय

संदर्भ: पूर्वी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में हाल ही में अमेरिका की मध्यस्थता और कतर की मध्यस्थता के प्रयासों के बावजूद शांति नहीं आ पा रही है, क्योंकि वहां सशस्त्र संघर्ष, अनसुलझे ऐतिहासिक तनाव और विशाल खनिज संसाधनों पर प्रतिस्पर्धा जारी है।

प्रमुख घटनाक्रम

अमेरिकी हित

युद्धविराम भंग

मूल कारण

Learning Corner:

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) को दीर्घकालिक राजनीतिक उथल-पुथल का सामना करना पड़ा है, जो कमजोर शासन, भ्रष्टाचार, प्रतिद्वंद्वितापूर्ण चुनावों, तथा नृजातीय विभाजन और विशाल खनिज संपदा पर नियंत्रण से उत्पन्न बार-बार होने वाले संघर्षों के कारण उत्पन्न हुआ है।

प्रमुख कारक

स्रोत: द हिंदू


स्टैबलकॉइन (Stablecoins)

श्रेणी: अर्थशास्त्र

प्रसंग: अमेरिकी डॉलर से संबद्ध डिजिटल परिसंपत्तियां, स्टेबलकॉइन , 280 बिलियन डॉलर से अधिक के बाजार पूंजीकरण के साथ तेजी से विस्तार कर रही हैं, जिसके तीन वर्षों के भीतर 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

वे क्यों मायने रखते हैं

वैश्विक एवं नीतिगत निहितार्थ

Learning Corner:

विभिन्न प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी :

भुगतान क्रिप्टोकरेंसी (Payment Cryptocurrencies)

स्टेबलकॉइन (Stablecoins)

उपयोगिता टोकन (Utility Tokens)

प्रतिभूति टोकन (Security Tokens)

केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राएं (सीबीडीसी) (राज्य समर्थित)

गोपनीयता सिक्के (Privacy Coins)

शासन टोकन (Governance Tokens)

स्रोत : द हिंदू


भारत की 2027 की जनगणना – भवनों /इमारतों की जियोटैगिंग (India’s 2027 Census – Geotagging of Buildings)

श्रेणी: राजनीति

प्रसंग: पहली बार, 2027 की जनगणना में सभी इमारतों की जियोटैगिंग शामिल होगी, जिसमें जीआईएस तकनीक का उपयोग करके उनके सटीक अक्षांश-देशांतर को चिह्नित किया जाएगा।

यह काम किस प्रकार करता है

लाभ

Learning Corner:

जियोटैगिंग (Geotagging)

यह काम किस प्रकार करता है

अनुप्रयोग

  1. शासन एवं योजना – जनगणना कार्यों, सरकारी आवास योजनाओं और शहरी नियोजन में उपयोग किया जाता है।
  2. आपदा प्रबंधन – प्रभावित क्षेत्रों, संसाधनों और राहत वितरण पर नज़र रखने में मदद करता है।
  3. पर्यावरण निगरानी – वनों, आर्द्रभूमि और वन्यजीव आवासों का मानचित्रण।
  4. सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन – संपत्तियों पर नज़र रखना, सीमाओं की निगरानी करना और अपराध मानचित्रण करना।
  5. दैनिक उपयोग – सोशल मीडिया चेक-इन, टैग की गई तस्वीरें और नेविगेशन ऐप्स।

लाभ

स्रोत: द इंडियन एक्सप्रेस


बहुआयामी गरीबी सूचकांक (Multidimensional Poverty Index (MPI)

श्रेणी: राजनीति

प्रसंग: इसमें 30 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों, केंद्रीय मंत्रालयों, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और थिंक टैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

मुख्य अंश

महत्व

कार्यशाला का उद्देश्य नीति निर्माण, कार्यक्रम वितरण और निगरानी के लिए एमपीआई डेटा को लागू करने के लिए राष्ट्रीय और राज्य क्षमता को मजबूत करना था – ताकि अधिक सटीक गरीबी उन्मूलन सुनिश्चित किया जा सके और कोई भी पीछे न छूटे।

Learning Corner:

बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई)

आयाम और संकेतक

एमपीआई तीन व्यापक आयामों पर आधारित है, जिन्हें संकेतकों में विभाजित किया गया है:

  1. स्वास्थ्य – पोषण, बाल मृत्यु दर।
  2. शिक्षा – स्कूली शिक्षा के वर्ष, स्कूल में उपस्थिति।
  3. जीवन स्तर – खाना पकाने का ईंधन, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, आवास, संपत्ति।

गणना

महत्व

स्रोत: पीआईबी


(MAINS Focus)


सड़कें बनाना शांति का निर्माण करना है (GS पेपर III - अर्थव्यवस्था)

परिचय (संदर्भ)

भारत के आदिवासी क्षेत्रों, विशेषकर माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में सड़क विकास को न केवल संपर्क के साधन के रूप में बल्कि शासन और शांति स्थापना के साधन के रूप में भी मान्यता मिल रही है।

विद्रोहियों द्वारा समानांतर संस्थाएँ

सड़क विकास क्यों महत्वपूर्ण है?

जैन और बिस्वास (2023) ने दर्शाया है कि सड़क संपर्क ग्रामीण भारत में अपराध में कमी और सेवा पहुंच में वृद्धि से संबंधित है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, राफेल प्रीटो-क्यूरियल और रोनाल्डो मेनेजेस (2020) दर्शाते हैं कि खराब कनेक्टिविटी वाले इलाकों में हिंसा ज़्यादा होती है, चाहे वे शहर हों या ग्रामीण। उनका तर्क है कि बुनियादी ढाँचा सिर्फ़ कार्यात्मक नहीं है; यह राजनीतिक भी है।

आगे की राह

न्याय तंत्र, स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच और सामुदायिक परामर्श जैसे संस्थागत सुरक्षा उपायों के बिना, वे समावेशन के बजाय नियंत्रण के प्रतीक बनने का जोखिम उठाते हैं।

आवश्यक कदम हैं:

निष्कर्ष

आदिवासी और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में सड़क विकास सिर्फ़ संपर्क से कहीं बढ़कर है; यह शांति स्थापना का भी माध्यम है। संस्थागत सुरक्षा उपायों और अधिकार-आधारित शासन के साथ मिलकर, सड़कें न्याय, सम्मान और आत्मीयता का विस्तार करती हैं, भय की जगह वैधता लाती हैं और हाशिए पर पड़े समुदायों को सशक्त बनाती हैं।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

राज्य की वैधता बहाल करने, उग्रवाद से निपटने और संघर्ष प्रभावित जनजातीय क्षेत्रों में समावेशी विकास को बढ़ावा देने में सड़कों के महत्व पर चर्चा करें। (250 शब्द, 15 अंक)

स्रोत: https://www.thehindu.com/opinion/op-ed/to-build-roads-is-to-build-peace/article70034642.ece


गैर-कृषि प्राथमिक गतिविधियाँ ग्रामीण भारत को बनाए रखती हैं (Non-Farm Primary Activities Sustain Rural India) (GS पेपर I - भूगोल, GS पेपर III - अर्थव्यवस्था)

परिचय (संदर्भ)

भारत में प्राथमिक क्षेत्र 44 प्रतिशत श्रम शक्ति को रोज़गार प्रदान करता है, जबकि देश के सकल घरेलू उत्पाद में इसका योगदान 20 प्रतिशत से भी कम है। रोज़गार में कृषि का हिस्सा धीरे-धीरे गिरा है, जबकि सकल घरेलू उत्पाद में इसका हिस्सा अपेक्षाकृत तेज़ी से गिरा है।

इसलिए, भारत में ग्रामीण परिवार पशुपालन, मत्स्य पालन और वानिकी जैसी गैर-कृषि प्राथमिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय के स्रोतों में तेज़ी से विविधता ला रहे हैं। ये क्षेत्र न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करते हैं, बल्कि स्वास्थ्य और पोषण में भी योगदान देते हैं।

गैर-कृषि प्राथमिक गतिविधियाँ क्या हैं?

प्राथमिक क्षेत्र में वे गतिविधियाँ शामिल हैं जो वस्तुओं के उत्पादन के लिए प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करती हैं।

गैर-कृषि प्राथमिक गतिविधियाँ वे आर्थिक गतिविधियाँ हैं जो फसल की खेती के अलावा अन्य प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर करती हैं । इनमें शामिल हैं:

महत्व

सामाजिक आयाम

वर्तमान स्थिति

ग्रामीण परिवार जोखिम कम करने, झटकों से निपटने तथा मौसमी अंतरालों को दूर करने के लिए आय में विविधता लाते हैं।

पशुधन से होने वाली आय अक्सर प्रवासन को वित्तपोषित करती है या संकट के समय में अतिरिक्त सहायता प्रदान करती है। इस प्रकार, गैर-कृषि गतिविधियाँ फसल विफलता, सूखे और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण बीमा तंत्र का काम करती हैं।

भौतिक विशेषताओं के साथ संबंध

सरकारी पहल

आगे की राह

निष्कर्ष

गैर-कृषि प्राथमिक गतिविधियाँ केवल आय के पूरक स्रोत नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण लचीलेपन, पोषण और समावेशी विकास के आधार स्तंभ हैं। हाशिए पर पड़े समुदायों को सशक्त बनाकर, गरीबी कम करके और कृषि संबंधी झटकों के विरुद्ध बीमा प्रदान करके, ये ग्रामीण भारत के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने को मज़बूत बनाती हैं। हालाँकि, सफलता उत्पादकता और पारिस्थितिक स्थिरता तथा सामाजिक समता के संतुलन पर निर्भर करती है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

भारत में ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने में गैर-कृषि प्राथमिक गतिविधियों की भूमिका पर चर्चा कीजिए। नीतिगत हस्तक्षेप आर्थिक लचीलापन और पारिस्थितिक स्थिरता दोनों कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं? (250 शब्द, 15 अंक)

स्रोत: https://indianexpress.com/article/upsc-current-affairs/upsc-essentials/how-non-farm-primary-activities-sustain-livelihoods-in-rural-india-10239847/

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