rchives


(PRELIMS  Focus)


एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली (Integrated Air Defence Weapon System)

श्रेणी: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

प्रसंग:  रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा के तट पर स्वदेशी एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली (आईएडीडब्ल्यूएस) का पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किया है।

प्रमुख बिंदु

Learning Corner:

भारत की बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली

भारत ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों से लेकर कम उड़ान वाले ड्रोन तक के खतरों को बेअसर करने के लिए एक बहु-स्तरीय वायु रक्षा कवच विकसित किया है। यह प्रणाली स्वदेशी और आयातित प्लेटफार्मों को केंद्रीकृत कमान और नियंत्रण के तहत एकीकृत करती है।

  1. लंबी दूरी / बाहरी परत (Long-Range / Outer Layer)
  1. मध्यम-श्रेणी परत (Medium-Range Layer)
  1. शॉर्ट-रेंज / सामरिक परत (Short-Range / Tactical Layer)
  1. बहुत कम दूरी / बिंदु रक्षा (Very Short Range / Point Defence)
  1. निर्देशित ऊर्जा हथियार (Directed Energy Weapons (Emerging Layer) 
  1. एकीकृत कमान और नियंत्रण (Integrated Command & Control)

विश्व की महत्वपूर्ण वायु रक्षा प्रणालियाँ

संयुक्त राज्य अमेरिका

रूस

इज़राइल

चीन

यूरोप / नाटो

स्रोत: द हिंदू


आक्रामक पौधे (Invasive plants)

श्रेणी: पर्यावरण

संदर्भ: एक नए अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन से पता चलता है कि आक्रामक पौधों और जीवों ने 1960 से अब तक वैश्विक स्तर पर 2.6 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की क्षति पहुंचाई है, जबकि भारत में इसकी लागत बहुत कम बताई गई है।

प्रमुख बिंदु

Learning Corner:

भारत की आक्रामक प्रजातियाँ

आक्रामक विदेशी प्रजातियाँ (IAS) गैर-देशी पौधे, जीव या सूक्ष्मजीव हैं जिन्हें जानबूझकर या गलती से बाहर लाया जाता है, जो तेज़ी से फैलते हैं, देशी जैव विविधता को नुकसान पहुँचाते हैं, पारिस्थितिक तंत्र को बाधित करते हैं और आर्थिक नुकसान पहुँचाते हैं। अपनी समृद्ध जैव विविधता के कारण, भारत विशेष रूप से सुभेद्य है।

भारत में प्रमुख आक्रामक प्रजातियों के उदाहरण

पौधे/ पादप 

जीव

कीड़े / अन्य

प्रभाव डालता है

भारत में प्रबंधन

स्रोत: द हिंदू


एकीकृत खाद्य सुरक्षा चरण वर्गीकरण (Integrated Food Security Phase Classification -IPC)

श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय

प्रसंग: एकीकृत खाद्य सुरक्षा चरण वर्गीकरण (आईपीसी) ने गाजा के कुछ हिस्सों में अकाल की घोषणा की है

प्रमुख बिंदु

Learning Corner:

विभिन्न भूखमरी सूचकांक

विश्व भर में भूख और कुपोषण को विभिन्न सूचकांकों और रिपोर्टों के माध्यम से मापा जाता है। इनमें सबसे प्रमुख हैं:

वैश्विक भूखमरी सूचकांक (GHI)

विश्व में खाद्य सुरक्षा और पोषण की स्थिति (SOFI) रिपोर्ट

वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक (GFSI)

शून्य भूखमरी लक्ष्य निगरानी (एसडीजी 2)

खाद्य असुरक्षा अनुभव पैमाना (FIES)

छिपी हुई भूखमरी सूचकांक

एकीकृत खाद्य सुरक्षा चरण वर्गीकरण (आईपीसी)

स्रोत : द इंडियन एक्सप्रेस


आर्कटिक सागर (Arctic Sea)

श्रेणी: भूगोल

प्रसंग: एक नए अध्ययन में पाया गया है कि पिछले 20 वर्षों में आर्कटिक सागर की बर्फ पिघलने की गति धीमी हो गई है, लेकिन यह परिवर्तन अस्थायी है और इसमें सुधार का कोई संकेत नहीं है।

प्रमुख बिंदु

Learning Corner:

आर्कटिक सागर और उससे संबद्ध समुद्र

आर्कटिक महासागर:

आर्कटिक महासागर के संबद्ध समुद्र:

महत्व:

स्रोत: द इंडियन एक्सप्रेस


राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस (National Space Day)

श्रेणी: राजनीति

प्रसंग: राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 23 अगस्त 2025 को पूरे भारत में मनाया जाएगा।

मुख्य अंश

Learning Corner:

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस

स्रोत: AIR


(MAINS Focus)


पोषण से समृद्धि: पोषण और अनुभूति का संबंध (Nourish to Flourish: The Nutrition and Cognition Link) (जीएस पेपर II- राजनीति और शासन)

परिचय (संदर्भ)

शिशु के जीवन के पहले 1,000 दिन (गर्भाधान से दो वर्ष तक) पोषण और संज्ञानात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण समय माने जाते हैं। हाल के शोध और सरकारी पहल भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश को सुरक्षित रखने के लिए पोषण को संज्ञानात्मक उत्तेजना के साथ एकीकृत करने की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डालती हैं।

पहले 1000 दिनों का महत्व

मुख्यतः गरीबी के कारण सुरक्षित और पौष्टिक भोजन की कमी, कुपोषण का कारण बनती है। इससे मस्तिष्क आवश्यक पोषक तत्वों से वंचित हो जाता है, सीखने और विकास की क्षमता को स्थायी नुकसान पहुँचता है, और आगे चलकर मोटापे और मधुमेह जैसी दीर्घकालिक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

उदाहरण:

भारत में कुपोषण की वर्तमान स्थिति

सरकारी पहल

  1. एकीकृत बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस)
  1. पोषण भी पढाई भी (महिला एवं बाल विकास मंत्रालय – एमडब्ल्यूसीडी)
  1. नवचेतना – प्रारंभिक बाल्यावस्था उत्तेजना के लिए राष्ट्रीय ढांचा (0-3 वर्ष)

कार्यान्वयन अंतराल

आवश्यक कदम

निष्कर्ष

पहले 1,000 दिन एक बार मिलने वाला अवसर होते हैं। इस अवधि के दौरान पोषण और संज्ञान में निवेश यह निर्धारित करता है कि भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश जनसांख्यिकीय आपदा बनेगा या लाभ। शुरुआती वर्षों में जो खोया जाता है, उसे वापस पाना संभव नहीं है, इसलिए प्रारंभिक बाल्यावस्था में निवेश न केवल एक स्वास्थ्य अनिवार्यता है, बल्कि एक रणनीतिक राष्ट्रीय प्राथमिकता भी है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

“जीवन के पहले 1,000 दिन किसी राष्ट्र की मानव पूँजी की नींव होते हैं।” इस अवधि में पोषण और संज्ञान के बीच संबंध पर चर्चा कीजिए। भारत के नीतिगत प्रयासों का मूल्यांकन कीजिए और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास को सुदृढ़ करने के उपाय सुझाइए। (250 शब्द, 15 अंक)

स्रोत: https://www.thehindu.com/opinion/op-ed/nourish-to-flourish-the-nutrition-and-cognition-link/article69972351.ece


130वां संविधान संशोधन विधेयक (जीएस पेपर II- राजनीति और शासन)

परिचय (संदर्भ)

केंद्र सरकार ने 130वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया है, जिसमें किसी मंत्री को कुछ आपराधिक मामलों में गिरफ्तार कर लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रखने पर उसे स्वतः हटाने का प्रस्ताव है।

इस विधेयक का प्रभाव संघ और राज्य दोनों स्तरों पर मंत्रिपरिषद के साथ-साथ दिल्ली, जम्मू और कश्मीर तथा पुडुचेरी जैसे संघ शासित प्रदेशों पर भी पड़ेगा।

अभी संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025 को संयुक्त समिति को भेजा गया है।

इसके द्वारा, इससे जुड़े प्रावधानों और मुद्दों को समझा जा रहा है।

यह विधेयक क्यों प्रस्तावित किया गया?

एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट:

पार्टियों को चुनाव के बाद कानूनी उपायों पर निर्भर रहने के बजाय आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को मैदान में उतारने से बचना चाहिए।

विधेयक के उद्देश्य

विधेयक के प्रमुख प्रावधान

निष्कासन के आधार: 

हटाने की प्रक्रिया:

पुनर्नियुक्ति:

मौजूदा कानूनी ढांचा

130वें संविधान संशोधन विधेयक के लाभ

समस्याएँ

निष्कर्ष

हालाँकि यह विधेयक मंत्री पदों में ईमानदारी सुनिश्चित करने का प्रयास करता है, लेकिन यह उचित प्रक्रिया , लोकतांत्रिक सिद्धांतों और केंद्र-राज्य संतुलन को लेकर चिंताएँ भी पैदा करता है । मूल कारण – राजनीति के अपराधीकरण – को उम्मीदवार चयन और पार्टी जवाबदेही में सुधारों के माध्यम से संबोधित करना, बाद में हटाने की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकता है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

130वें संविधान संशोधन विधेयक में गिरफ्तारी और 30 दिन की हिरासत के बाद मंत्रियों को हटाने का प्रस्ताव है। भारत में संसदीय लोकतंत्र और केंद्र-राज्य संबंधों पर इसके संभावित प्रभाव का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)

स्रोत: https://www.thehindu.com/news/national/what-is-the-new-bill-to-remove-pm-cm-and-ministers-explained/article69972764.ece

Search now.....

Sign Up To Receive Regular Updates