श्रेणी: राजनीति
संदर्भ: मणिपुर विधानसभा के 10 विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के राज्यपाल से मुलाकात की और मणिपुर में एक व्यवहार्य सरकार के गठन पर जोर दिया, जो फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन के अधीन है।
Learning Corner:
भारत में राष्ट्रपति शासन कैसे लगाया जाता है?
राष्ट्रपति शासन का मतलब राज्य सरकार को निलंबित करके सीधे राज्य में केंद्र (संघ) सरकार का शासन लागू करना है। यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत शासित होता है।
आरोपण के आधार
राष्ट्रपति शासन निम्नलिखित परिस्थितियों में लगाया जा सकता है:
प्रक्रिया
प्रमुख बिंदु
संक्षेप में, राष्ट्रपति शासन एक संवैधानिक व्यवस्था है जिसके तहत केंद्र सरकार किसी राज्य के प्रशासन को अपने नियंत्रण में ले लेती है, जब उसका संवैधानिक तंत्र विफल हो जाता है। यह प्रक्रिया संसदीय निगरानी और न्यायिक सुरक्षा उपायों के साथ एक विस्तृत प्रक्रिया के बाद अपनाई जाती है।
स्रोत : the hindu
श्रेणी: भूगोल
संदर्भ: भारी बारिश के कारण उत्तरी सिक्किम में लाचेन के पास छतेन में भारतीय सेना का एक सैन्य शिविर विनाशकारी भूस्खलन की चपेट में आ गया।
इस घटना में तीन सैन्यकर्मियों की दुखद मृत्यु हो गई:
बचाव प्रयास
व्यापक प्रभाव
सारांश
यह दुखद घटना उत्तरी सिक्किम जैसे उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों की जलवायु संबंधी आपदाओं के प्रति संवेदनशीलता को उजागर करती है, खासकर मानसून के मौसम के दौरान। यह घटना दूरदराज के, मौसम से प्रभावित इलाकों में बचाव दलों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी रेखांकित करती है।
Learning Corner:
भारत अपने विशाल भूगोल, विविध जलवायु क्षेत्रों, घनी आबादी और तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण कई तरह की प्राकृतिक और मानव-प्रेरित आपदाओं का सामना करता है। नीचे भारत में विभिन्न प्रकार की आपदाओं का एक वर्गीकृत अवलोकन दिया गया है, साथ ही उदाहरण भी दिए गए हैं:
प्राकृतिक आपदाएं
स्रोत : the hindu
श्रेणी: पर्यावरण
संदर्भ: 2025 शेर जनगणना: 32% जनसंख्या वृद्धि
Learning Corner:
गुजरात में 2025 की एशियाई शेर जनगणना में 32% की वृद्धि दर्ज की गई, जो 2020 में 674 से बढ़कर 2025 में 891 हो गई। यह एक महत्वपूर्ण संरक्षण मील का पत्थर है, जो दशकों के समर्पित प्रयासों को दर्शाता है। हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि केवल संख्यात्मक वृद्धि ही प्रजातियों के दीर्घकालिक अस्तित्व को सुनिश्चित नहीं करती है।
2025 की जनगणना के मुख्य निष्कर्ष
अकेले संख्याएँ पर्याप्त क्यों नहीं हैं ?
संरक्षण विशेषज्ञ अनुशंसा करते हैं:
निष्कर्ष
हालांकि 2025 की शेर जनगणना संरक्षण की एक सफल कहानी है, लेकिन इससे आत्मसंतुष्टि पैदा नहीं होनी चाहिए। एशियाई शेरों की वास्तविक सुरक्षा के लिए रणनीतिक, विज्ञान-संचालित कार्रवाई की आवश्यकता है – जो पर्यावास विस्तार, संघर्ष शमन, आनुवंशिक प्रबंधन, और लंबे समय से लंबित दूसरी जंगली आबादी का निर्माण है। अब ध्यान शेरों की गिनती से हटकर उनके भविष्य को सुरक्षित करने पर होना चाहिए।
एशियाई शेर – एक संक्षिप्त अवलोकन
एशियाई शेर ( पेंथेरा लियो पर्सिका ) शेर की एक अत्यंत महत्वपूर्ण उप-प्रजाति है, जो केवल भारत में पाई जाती है और अपने अफ्रीकी समकक्ष से अलग है।
🔹 मुख्य तथ्य:
| गुण | विवरण |
|---|---|
| वैज्ञानिक नाम | पेंथेरा लियो पर्सिका |
| प्राकृतिक वास | गिर वन, गुजरात, भारत |
| वर्तमान जनसंख्या | 891 (2025 की जनगणना) |
| आईयूसीएन स्थिति | लुप्तप्राय (EN) |
| वैश्विक रेंज | केवल भारत के लिए (केवल जंगली आबादी के लिए) |
| मुख्य खतरे | पर्यावास क्षति, अंतःप्रजनन, मानव संघर्ष, रोग |
विशिष्ट विशेषताएं:
स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस
श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय
संदर्भ: 1 जून 2025 को, यूक्रेन ने अपना सबसे साहसी ड्रोन आक्रामक, ऑपरेशन स्पाइडर वेब लॉन्च किया, जो असममित युद्ध (asymmetric warfare) में एक बड़ी छलांग का प्रतिनिधित्व करता है।
संदर्भ का दृष्टिकोण: इस ऑपरेशन ने यह दर्शाया कि किस प्रकार कम लागत वाली, उच्च तकनीक वाली रणनीतियां सैन्य दृष्टि से श्रेष्ठ प्रतिद्वन्द्वी को गंभीर क्षति पहुंचा सकती हैं।
Learning Corner:
ऑपरेशन स्पाइडर्स वेब: ड्रोन युद्ध में एक गेम-चेंजर
रिपोर्ट की गई क्षति:
कूटनीति पर ग्रहण लगा: वार्ता का दूसरा दौर
ड्रोन बनाम कूटनीति: बदलती युद्धभूमि की वास्तविकता
मुख्य बिंदु
निष्कर्ष
ऑपरेशन स्पाइडर वेब एक महत्वपूर्ण मोड़ है – न केवल युद्ध कैसे लड़े जाते हैं, बल्कि यह भी कि सैन्य नवाचार को कूटनीतिक समाधान के साथ सामंजस्य बिठाना कितना मुश्किल है। जैसे-जैसे ड्रोन आसमान पर हावी होते जाते हैं, वैसे-वैसे ज़मीन पर शांति का मार्ग और भी जटिल होता जाता है।
स्रोत : the Indian express
श्रेणी: अंतर्राष्ट्रीय
संदर्भ: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 2 से 4 जून, 2025 तक भारत की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा पर पैराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना पालासिओस की मेजबानी कर रही हैं।
Learning Corner:
यह राष्ट्रपति पेना (Peña) की पहली भारत यात्रा है तथा पैराग्वे के किसी राष्ट्राध्यक्ष की यह दूसरी यात्रा है , जो दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होते संबंधों को रेखांकित करती है।
मुख्य तथ्य
उच्च-स्तरीय सहभागिता (High-Level Engagements)
औपचारिक स्वागत
सहयोग के लिए फोकस क्षेत्र
वैश्विक दक्षिण एकजुटता (Global South Solidarity)
मुंबई (Mumbai Leg)
यात्रा का महत्व
राष्ट्रपति पेना ने भारत को एक “प्रशंसनीय साझेदार, सम्मानित मित्र और प्रेरणा का स्रोत” बताया। इससे:
यह राजकीय यात्रा भारत-पराग्वे संबंधों में एक मील का पत्थर है , जो एक गहन, विविध और भविष्य-केंद्रित साझेदारी के लिए एक मजबूत आधारशिला रखेगी।
स्रोत: PIB
| दिनांक: 3-06-2025 | Mainspedia | |
| विषय: आधुनिक युद्ध में एफपीवी ड्रोन (FPV Drones in Modern Warfare) | जीएस पेपर III – विज्ञान और प्रौद्योगिकी | |
| परिचय (संदर्भ)
यूक्रेन ने हाल ही में “ऑपरेशन स्पाइडर वेब” नामक एक ऐतिहासिक ड्रोन अभियान में रूसी क्षेत्र में FPV (फर्स्ट-पर्सन व्यू) ड्रोन लॉन्च किए, जिससे कथित तौर पर यूक्रेन-रूस सीमा से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर पांच स्थानों पर 40 से अधिक विमान नष्ट हो गए। यह 2022 में युद्ध की शुरुआत के बाद से सबसे व्यापक ड्रोन हमला है। |
||
| एफपीवी ड्रोन क्या हैं? |
|
|
| युद्ध में इनका उपयोग कैसे किया जाता है? |
|
|
| लाभ |
|
|
| नुकसान |
|
|
| Value Addition | टोही ड्रोन
|
|
| निष्कर्ष
यूक्रेन-रूस युद्ध ड्रोन, विशेष रूप से एफपीवी ड्रोन के उदय को रेखांकित करता है, जो आधुनिक युद्ध में परिवर्तनकारी उपकरण के रूप में हैं। उनकी कम लागत, उच्च परिशुद्धता और मानव जीवन के लिए न्यूनतम जोखिम ने उन्हें अपरिहार्य बना दिया है। जैसे-जैसे अधिक से अधिक राष्ट्र अपनी रक्षा रणनीतियों में ड्रोन को एकीकृत करने की होड़ में हैं , भविष्य के युद्धक्षेत्र को संभवतः जमीन पर पारंपरिक बूटों की तुलना में कोड, कैमरे और नियंत्रकों द्वारा आकार दिया जाएगा। |
||
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
रूस-यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में आधुनिक युद्ध में फर्स्ट-पर्सन व्यू (FPV) ड्रोन की भूमिका पर चर्चा करें। भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा तैयारियों पर बढ़ते ड्रोन प्रसार के प्रभावों की जाँच करें। (250 शब्द, 15 अंक)
| दिनांक: 3-06-2025 | Mainspedia | |
| विषय: मणिपुर में राष्ट्रपति शासन (President Rule in Manipur) | जीएस पेपर II – राजनीति | |
| परिचय (संदर्भ)
मणिपुर विधानसभा के 10 विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के राज्यपाल से मुलाकात की और मणिपुर में एक व्यवहार्य सरकार के गठन के लिए दबाव डाला, जो फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन के अधीन है। इस घटनाक्रम ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356 के उपयोग और दुरुपयोग पर बहस को फिर से हवा दे दी है। |
||
| राष्ट्रपति शासन क्या है? |
|
|
| प्रभाव |
|
|
| मणिपुर में राष्ट्रपति शासन |
|
|
| राष्ट्रपति शासन का दुरुपयोग |
|
|
| एसआर बोम्मई मामला |
|
|
| Value Addition |
|
|
| निष्कर्ष
राष्ट्रपति शासन एक संवैधानिक व्यवस्था है जिसे शासन में दुर्लभ और असाधारण विफलताओं के लिए बनाया गया है; इसके ऐतिहासिक दुरुपयोग ने अक्सर राजनीतिक उद्देश्यों और संघीय मूल्यों के क्षरण के बारे में चिंताएं पैदा की हैं। मणिपुर के मामले में, एक समावेशी, लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार को बहाल करना न केवल शासन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि संवैधानिक प्रक्रियाओं में विश्वास के पुनर्निर्माण के लिए भी महत्वपूर्ण है। |
||
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
“राष्ट्रपति शासन लागू करना अपवाद होना चाहिए, आदर्श नहीं।” समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)