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Q.2

  • IASbaba
  • February 9, 2018
  • 38
TLP-UPSC Mains Answer Writing
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2. You have authored a fictional book in which the characters and events belong to the 17th century. Even though your book is a work of fiction, by coincidence one of its characters bear resemblance to a 17th century king. The king is deeply respected or rather worshipped by the people of a dominant upper caste. In your book, the king has been shown in poor light and his followers are deeply offended and demand that the book be withdrawn from the market. You issued clarifications regarding the fictionality of the book but the protestors are not listening to any of your arguments. In some places, the protestors have started to vandalise the bookstores selling the copies of you book

Deep within, you feel sad that even in  a democratic country promising freedom of speech and expression, your creativity is being sacrificed on the altar of intolerance and irrationality. However, you decide to withdraw the book and pulp it in front of the protestors to stop the violence abated by the protestors.

Now answer the following questions:

  1. Was your decision to withdraw the book justified?
  2. Won’t your decision embolden such fringe elements?
  3. What other steps could have been taken by you?  

आपने एक काल्पनिक पुस्तक लिखा है जिसमें पात्र और घटनाएं 17 वीं शताब्दी से संबंधित हैं। भले ही आपकी पुस्तक काल्पनिकता की रचना है, संयोग से, उसके पात्रों में से एक 17 वीं शताब्दी के राजा के समान प्रतीत होता है। राजा एक उच्च ऊपरी जाति के लोगों के लिए अति  सम्मानित और पूजनीय है। आपकी पुस्तक में, राजा को बुरा दिखाया गया है जिसकी वजह से उनके अनुयायियों काफी नाराज है और उनकी मांग है कि पुस्तक बाजार से वापस ले ली जाए। आपने पुस्तक की काल्पनिकता के बारे में स्पष्टीकरण जारी किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने आपके किसी भी तर्क को नहीं सुना। कुछ जगहों पर, प्रदर्शनकारियों ने ऐसी किताब की दुकानों को जो आप की पुस्तक की बिक्री कर रहे हैं, काफी नुकसान पहुँचाया है।

आप भीतर से काफी दुखी महसूस करते हैं कि एक लोकतांत्रिक देश में जहाँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, आपकी रचनात्मकता को असहिष्णुता और तर्कहीनता की वेदी पर बलिदान किया जा रहा है। हालांकि, आप प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रायोजित हिंसा को रोकने के लिए प्रदर्शनकारियों के सामने पुस्तक को वापस लेने और नष्ट  करने का निर्णय लेते हैं।

अब निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें:

  1. क्या किताब को वापस लेने का आपका फैसला उचित था?
  2. क्या आपका निर्णय ऐसे फ्रिंज तत्वों को नहीं बढ़ाएगा?
  3. आपके द्वारा कौन से अन्य कदम उठाए जा सकते हैं?

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