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करेंट अफेयर्स के प्रश्न ‘द हिंदू’, ‘इंडियन एक्सप्रेस’ और ‘पीआईबी‘ जैसे स्रोतों पर आधारित होते हैं, जो यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण स्रोत हैं। प्रश्न अवधारणाओं और तथ्यों दोनों पर केंद्रित हैं। दोहराव से बचने के लिए यहां कवर किए गए विषय आम तौर पर ‘दैनिक करंट अफेयर्स / डेली न्यूज एनालिसिस (डीएनए) और डेली स्टेटिक क्विज’ के तहत कवर किए जा रहे विषयों से भिन्न होते हैं। प्रश्न सोमवार से शनिवार तक दोपहर 2 बजे से पहले प्रकाशित किए जाएंगे। इस कार्य में आपको 10 मिनट से ज्यादा नहीं देना है।
इस कार्य के लिए तैयार हो जाएं और इस पहल का इष्टतम तरीके से उपयोग करें।
याद रखें कि, “साधारण अभ्यर्थी और चयनित होने वाले अभ्यर्थी के बीच का अंतर केवल दैनक अभ्यास है !!”
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‘कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें ।
सही कथन चुनें
Solution(c)
कथन विश्लेषण:
| कथन 1 | कथन 2 |
| सही | सही |
| POSH अधिनियम के तहत, अनिवार्य अनुपालन के रूप में, महिलाओं से किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न की शिकायतों को समयबद्ध और अत्यंत गोपनीय तरीके से प्राप्त करने और उनका समाधान करने के लिए 10 (दस) से अधिक कर्मचारियों वाली प्रत्येक कंपनी को निर्धारित तरीके से एक आंतरिक शिकायत समिति (“आईसीसी”) का गठन करने की आवश्यकता होती है। | यह अधिनियम मुख्य रूप से विशाखा दिशानिर्देशों पर आधारित था। विशाखा दिशानिर्देश कार्यस्थल यौन शोषण के मामलों में पालन की जाने वाली कुछ प्रक्रियाएं थीं। ये दिशानिर्देश ऐतिहासिक मामले विशाखा और अन्य बनाम राजस्थान राज्य के बाद तैयार किए गए थे। |
Source: https://www.thehindu.com/news/national/other-states/posh-act-bombay-high-court-guidelines-challenged-in-supreme-court/article38140615.ece
Solution(c)
कथन विश्लेषण:
| कथन 1 | कथन 2 |
| सही | सही |
| POSH अधिनियम के तहत, अनिवार्य अनुपालन के रूप में, महिलाओं से किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न की शिकायतों को समयबद्ध और अत्यंत गोपनीय तरीके से प्राप्त करने और उनका समाधान करने के लिए 10 (दस) से अधिक कर्मचारियों वाली प्रत्येक कंपनी को निर्धारित तरीके से एक आंतरिक शिकायत समिति (“आईसीसी”) का गठन करने की आवश्यकता होती है। | यह अधिनियम मुख्य रूप से विशाखा दिशानिर्देशों पर आधारित था। विशाखा दिशानिर्देश कार्यस्थल यौन शोषण के मामलों में पालन की जाने वाली कुछ प्रक्रियाएं थीं। ये दिशानिर्देश ऐतिहासिक मामले विशाखा और अन्य बनाम राजस्थान राज्य के बाद तैयार किए गए थे। |
Source: https://www.thehindu.com/news/national/other-states/posh-act-bombay-high-court-guidelines-challenged-in-supreme-court/article38140615.ece
“आर-वैल्यू” शब्द, जिसे हाल ही में समाचारों में देखा गया है, किससे संबंधित है?
Solution(b)
प्रजनन संख्या या R यह दर्शाता है कि एक संक्रमित व्यक्ति औसतन कितने लोगों को संक्रमित करता है। दूसरे शब्दों में, यह बताता है कि एक वायरस कितनी कुशलता से फैल रहा है। आर-वैल्यू जो 1 से कम हो मतलब बीमारी धीरे-धीरे फैलती जा रही है।
Source: https://indianexpress.com/article/explained/corona-r-value-over-1-in-big-cities-likely-start-of-third-wave-7698876/
Solution(b)
प्रजनन संख्या या R यह दर्शाता है कि एक संक्रमित व्यक्ति औसतन कितने लोगों को संक्रमित करता है। दूसरे शब्दों में, यह बताता है कि एक वायरस कितनी कुशलता से फैल रहा है। आर-वैल्यू जो 1 से कम हो मतलब बीमारी धीरे-धीरे फैलती जा रही है।
Source: https://indianexpress.com/article/explained/corona-r-value-over-1-in-big-cities-likely-start-of-third-wave-7698876/
‘राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें।
सही कथन चुनें
Solution(d)
कथन विश्लेषण:
| कथन 1 | कथन 2 |
| गलत | गलत |
| पर्यावरण और वन मंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की स्थापना की गई है। | राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय है, जिसका गठन 2006 में संशोधित वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत बाघ संरक्षण को मजबूत करने के लिए किया गया था। |
Source: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1787787
Solution(d)
कथन विश्लेषण:
| कथन 1 | कथन 2 |
| गलत | गलत |
| पर्यावरण और वन मंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की स्थापना की गई है। | राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय है, जिसका गठन 2006 में संशोधित वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत बाघ संरक्षण को मजबूत करने के लिए किया गया था। |
Source: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1787787
‘एमआरएनए वैक्सीन’ (mRNA vaccines) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें ।
सही कथन चुनें
Solution(a)
कथन विश्लेषण:
| कथन 1 | कथन 2 | कथन 3 |
| सही | सही | गलत |
| ‘एमआरएनए वैक्सीन’ टीके एक सक्रिय रोगज़नक़ (या यहाँ तक कि एक निष्क्रिय रोगज़नक़) से निर्मित नहीं होते हैं, वे गैर-संक्रामक होते हैं। इसके विपरीत, पारंपरिक टीकों के लिए रोगजनकों के उत्पादन की आवश्यकता होती है, जो यदि उच्च मात्रा में किए जाते हैं, तो उत्पादन सुविधा में वायरस के स्थानीय प्रकोप के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। | एमआरएनए टीकों का जैविक लाभ यह है कि चूंकि एंटीजन कोशिका के अंदर उत्पन्न होते हैं, वे सेलुलर प्रतिरक्षा, साथ ही ह्यूमोरल प्रतिरक्षा को उत्तेजित करते हैं। ह्यूमोरल प्रतिरक्षा शरीर को बाह्य रोगजनकों और उनके विषाक्त पदार्थों से बचाती है। कोशिका-मध्यस्थ प्रतिरक्षा शरीर को अन्त:कोशिक या इंट्रासेल्युलर रोगजनकों से बचाती है। | एमआरएनए सुभेद्य होते है, कुछ टीकों को खराब होने से बचाने के लिए बहुत कम तापमान पर रखा जाना चाहिए और इस प्रकार प्राप्तकर्ता को कम प्रभावी प्रतिरक्षा प्रदान करना चाहिए। |
Source: https://www.thehindu.com/sci-tech/health/traditional-vaccines-simpler-cheaper-and-as-effective-as-mrna-vaccines-us-scientist/article38131875.ece
Solution(a)
कथन विश्लेषण:
| कथन 1 | कथन 2 | कथन 3 |
| सही | सही | गलत |
| ‘एमआरएनए वैक्सीन’ टीके एक सक्रिय रोगज़नक़ (या यहाँ तक कि एक निष्क्रिय रोगज़नक़) से निर्मित नहीं होते हैं, वे गैर-संक्रामक होते हैं। इसके विपरीत, पारंपरिक टीकों के लिए रोगजनकों के उत्पादन की आवश्यकता होती है, जो यदि उच्च मात्रा में किए जाते हैं, तो उत्पादन सुविधा में वायरस के स्थानीय प्रकोप के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। | एमआरएनए टीकों का जैविक लाभ यह है कि चूंकि एंटीजन कोशिका के अंदर उत्पन्न होते हैं, वे सेलुलर प्रतिरक्षा, साथ ही ह्यूमोरल प्रतिरक्षा को उत्तेजित करते हैं। ह्यूमोरल प्रतिरक्षा शरीर को बाह्य रोगजनकों और उनके विषाक्त पदार्थों से बचाती है। कोशिका-मध्यस्थ प्रतिरक्षा शरीर को अन्त:कोशिक या इंट्रासेल्युलर रोगजनकों से बचाती है। | एमआरएनए सुभेद्य होते है, कुछ टीकों को खराब होने से बचाने के लिए बहुत कम तापमान पर रखा जाना चाहिए और इस प्रकार प्राप्तकर्ता को कम प्रभावी प्रतिरक्षा प्रदान करना चाहिए। |
Source: https://www.thehindu.com/sci-tech/health/traditional-vaccines-simpler-cheaper-and-as-effective-as-mrna-vaccines-us-scientist/article38131875.ece
“अनुच्छेद 348” के संबंध में कथनों पर विचार करें।
सही कथन चुनें
Solution(a)
कथन विश्लेषण:
| कथन 1 | कथन 2 |
| सही | गलत |
| अनुच्छेद 348 सर्वोच्च न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय में उपयोग की जाने वाली आधिकारिक भाषा के रूप में अंग्रेजी का प्रावधान करता है। | हालाँकि, किसी राज्य का राज्यपाल, राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से, राज्य के किसी भी आधिकारिक उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाने वाली हिंदी भाषा या किसी अन्य भाषा के उपयोग को अधिकृत कर सकता है। |
Source: https://www.thehindu.com/news/national/english-is-the-language-in-high-court-gujarat-hc/article38126026.ece
Solution(a)
कथन विश्लेषण:
| कथन 1 | कथन 2 |
| सही | गलत |
| अनुच्छेद 348 सर्वोच्च न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय में उपयोग की जाने वाली आधिकारिक भाषा के रूप में अंग्रेजी का प्रावधान करता है। | हालाँकि, किसी राज्य का राज्यपाल, राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से, राज्य के किसी भी आधिकारिक उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाने वाली हिंदी भाषा या किसी अन्य भाषा के उपयोग को अधिकृत कर सकता है। |
Source: https://www.thehindu.com/news/national/english-is-the-language-in-high-court-gujarat-hc/article38126026.ece
