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DAILY CURRENT AFFAIRS IAS | UPSC Prelims and Mains Exam (हिंदी) – 14th JULY 2020

  • IASbaba
  • July 25, 2020
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Hindi Initiatives
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IASBABA’S INTEGRATED LEARNING PROGRAMME (ILP)

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(PRELIMS + MAINS FOCUS)


पद्मनाभस्वामी मंदिर का मुद्दा

भाग: GS Prelims and Mains I and II – संस्कृति; मौलिक अधिकार; धर्मनिरपेक्षता 

समाचार में: 

  • सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही के अपने फैसले में केरल के श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के प्रशासन में त्रावणकोर शाही परिवार के शेबेट अधिकारों (Shebait rights) को बरकरार रखा है।
  • सुप्रीम कोर्ट बेंच ने कहा है कि पूर्ववर्ती त्रावणकोर शाही परिवार को भगवान विष्णु से संबंधित संपत्तियों का प्रबंधन करने का अधिकार होगा, जिन्हेंअनंत शयनमुद्रा में पूजा जाता है।

क्या आप जानते हैं?

  • जुलाई 1991 में त्रावणकोर शासक श्री चिथिरा थिरुनल बालराम वर्मा की मृत्यु के बाद इस बात पर विवाद हो गया था कि क्या मंदिर और उसकी संपत्ति केरल सरकार को हस्तांतरित की जानी चाहिए।
  • केरल उच्च न्यायालय ने 2011 में राज्य को निर्देश दिया था कि वह मंदिर को अपने अधिकार में ले तथा एक संग्रहालय में जनता के दर्शन हेतु इसके खजाने का प्रदर्शन करे।
  • अनुच्छेद 25 और 26 इस मुद्दे से संबंधित है।

अनुच्छेद 25- अंत:करण की तथा धर्म को अबाध रूप से मानने, आचरण और प्रचार करने की स्वतंत्रता

अनुच्छेद 26- सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन धार्मिक मामलों का प्रबंधन करने की स्वतंत्रता, हर धार्मिक संप्रदाय या किसी भी वर्ग के समूह को अधिकार होगा। 

  1. धार्मिक और धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए संस्थाओं की स्थापना और रखरखाव करना;
  2. अपने धर्म विषयक कार्यों का प्रबंधन करना;
  3. चल और अचल संपत्ति का अर्जन एवं स्वामित्व तथा 
  4. कानून के अनुसार ऐसी संपत्ति का प्रशासन करना

शेबेट के बारे में 

  • एक ऐसा व्यक्ति है जो देवता की सेवा और समर्थन करता है तथा देवोत्तर (debuttar) परिसंपत्ति के प्रबंधक के रूप में काम करता है।
  • मंदिर या मंदिर की भूमि या इस प्रकार की संपत्तियां जो देवता के पास निहित हैं, उन्हें शेबेट द्वारा प्रबंधित किया जाता हैं। शेबेट एकमात्र ऐसा व्यक्ति है जिसके पास देवता या देवी की ओर से बात करने की शक्ति है। उसके पास देवता के सभी मामलों से निपटने की शक्ति है।

ईरान ने चाबहार रेल परियोजना से भारत को हटाया 

भाग: GS Prelims and Mains II – भारत और ईरान द्विपक्षीय संबंध; अंतर्राष्ट्रीय संबंध

समाचार में:

  • ईरानी सरकार ने चाबहार रेल परियोजना के निर्माण को अपनी स्वयं क्षमता पर आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
  • भारत और ईरान ने अफग़ानिस्तान की सटी सीमा पर चाबहार बंदरगाह से जहेदान तक रेल लाइन बनाने के समझौते (4 साल से पहले) पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि ईरान ने वित्तपोषण और परियोजना आरंभ करने में भारत की ओर से हो रही देरी का हवाला देते हुए भारत को इस समझौते से हटा दिया है।

क्या आप जानते हैं? 

  • भारत चाहता था कि रेलवे लाइन को भारत, ईरान और अफग़ानिस्तान के बीच त्रिपक्षीय समझौते के हिस्से के रूप में बनाया जाए, जिसका इस्तेमाल अफग़ानिस्तान और मध्य एशिया के लिए वैकल्पिक व्यापार मार्ग के रूप में किया जा सके।
  • ईरान की यह घोषणा चीन की ईरान के साथ 25 वर्षीय, 400 मिलियन डॉलर की रणनीतिक साझेदारी समझौते को अंतिम रूप देने के बाद की गई है, जिससे भारत की योजनाओं पर असर पड़ सकता है।

चाबहार बंदरगाह के बारे में 

  • मकरान तट पर स्थित है। 
  • ईरान का दक्षिणपूर्वी तट है। 
  • यह अपेक्षाकृत अविकसित मुफ्त व्यापार और औद्योगिक क्षेत्र है। (पश्चिम में बंदर अब्बास के विशाल बंदरगाह की तुलना में
  • यह ऊर्जा से प्रचुर पारस की खाड़ी में स्थित ईरान के दक्षिणी तट पर सिस्तानबलूचिस्तान प्रांत में स्थित है।
  • यह पारस की खाड़ी के बाहर स्थित है और पाकिस्तान को बाइपास करते हुए भारत के पश्चिमी तट से आसानी से पहुंचा जाता सकता है।

ईरान और चीन 25 वर्षीय रणनीतिक साझेदारी को अंतिम रूप करेंगे 

 भाग : GS Prelims and Mains II – अंतरराष्ट्रीय मामले; भारत के हितों को प्रभावित करने वाली नीतियाँ

 समाचार में: 

  • ईरान और चीन 25 वर्षीय रणनीतिक साझेदारी को अंतिम रूप देने के करीब हैं।
  • ईरान और चीन के बीच सहयोग के लिए व्यापक योजना में चाबहार के शुल्क मुक्त क्षेत्र में चीन की भागीदारी, चाबहार बंदरगाह के पास में एक तेल रिफ़ाइनरी और संभवतः चाबहार बंदरगाह में भी एक बड़ी भूमिका शामिल होगी।
  • ईरान ने चाबहार बंदरगाह से जहेदान तक रेल लाइन के निर्माण को अपनी स्वयं की क्षमता पर करने का फैसला किया, जिससे भारत को हटा दिया गया है, जिसने 2014 में समझौते  पर हस्ताक्षर किए थे।

क्या आप जानते हैं? 

  • ईरान ने पिछले साल चीन द्वारा संचालित पाकिस्तानी बंदरगाह ग्वादर और चाबहार के बीच गठजोड़ का प्रस्ताव रखा था, तथा चाबहार से 350km दूर बंदरजस्क बंदरगाह के साथसाथ चाबहार शुल्क मुक्त क्षेत्र में चीन के हितों की पेशकश की थी। 
  • ईरानचीन समझौते का असर ईरान के साथ भारत केरणनीतिक संबंधोंऔर चाबहार बंदरगाह के इस्तेमाल पर पड़ता है।

पाकिस्तानअफगानिस्तान पारगमन व्यापार समझौता

भाग : GS Prelims and Mains II – अंतरराष्ट्रीय मामले; भारत के हितों को प्रभावित करने वाली नीतियां

समाचार में: 

  • पाकिस्तानअफगानिस्तान पारगमन व्यापार समझौता के तहत पाकिस्तान की प्रतिबद्धता के अंतर्गत अफग़ानिस्तान को 15 जुलाई से वाघा सीमा के रास्ते भारत में सामान भेजने की अनुमति देगा। 
  • इस फैसले से भारत को अफग़ानिस्तान के लिए निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

क्या आप जानते हैं? 

  • पाकिस्तान और भारत दोनों ने महामारी की चुनौती से निपटने के लिए मार्च से वाघा सीमा के माध्यम से व्यापार को निलंबित कर दिया है।
  • हालांकि पाकिस्तान अफग़ानिस्तान को भारतीय निर्यात की अनुमति देने को लेकर शांत है।

गूगल भारत में 10 अरब डॉलर का निवेश करेगी

भाग: GS Prelims and Mains III – अर्थव्यवस्था; निवेश; डिजिटल अवसंरचना

समाचार में: 

  • टेक्नोलॉजी कंपनी गूगल अगले पांच से सात साल में भारत में 10 अरब डॉलर (75,000 करोड़ रुपये) का निवेश करेगी।
  • यह निवेश अर्थव्यवस्था का डिजिटलीकरण करने और भारतप्रथम उत्पादों और सेवाओं के निर्माण पर केंद्रित है। 

निवेश डिजिटलीकरण के लिए मुख्य चार क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा 

  1. हर भारतीय को अपनी भाषा में किफायती पहुंच और जानकारी प्राप्त करने के लिए सक्षम करना।
  2. ऐसे उत्पादों और सेवाओं का निर्माण करना जो भारत की महत्वपूर्ण ज़रूरतों के लिए गहराई से प्रासंगिक हैं।
  3. अपनी डिजिटल परिवर्तन यात्रा के अनुसार व्यवसायों को सशक्त बनाना, और
  4. स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में सामाजिक भलाई के लिए प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करना। 

कर्नाटकतमिलनाडु आर्थिक कॉरिडोर 

भाग : GS Prelims and Mains III – अवसंरचना; पर्यावरण के मुद्दे

समाचार में: 

  • पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति ने तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच एक आर्थिक गलियारे सैटेलाइट टाउन रिंग रोड (STRR) के विकास के लिए पर्यावरण मंजूरी देने की सिफारिश की है।
  • ग्रीनफील्ड हाईवे भारतमाला परियोजना का हिस्सा है तथा इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा। 
  • नई सड़कें बेहतर, तेज, सुरक्षित और सुचारु होने के साथ साथ दोनों राज्यों और क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी  प्रदान करेंगी।
  • एनएचएआई (NHAI) ने कहा कि परियोजना के लिए 12,111 पेड़ काटे जाएंगे तथा संपत्ति और अन्य संरचनाओं के संबंध में 206 व्यक्ति प्रभावित होंगे।

Important value additions 

भारतमाला परियोजना के बारे में  

  • यह राजमार्ग क्षेत्र के लिए एक नई अम्ब्रेला योजना है जो देश भर में माल ढुलाई और यात्री आवाजाही की दक्षता को अनुकूलित करने पर केंद्रित रहेगी। 
  • यह आर्थिक गलियारों, अंतर गलियारों और फीडर मार्गों, राष्ट्रीय गलियारा दक्षता में सुधार, सीमा और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी सड़कें, तटीय और बंदरगाह कनेक्टिविटी सड़कें और हरित क्षेत्र एक्सप्रेसवे के विकास जैसे प्रभावी हस्तक्षेपों के माध्यम से महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के अंतराल को पूरा करती है।
  • यह भारत सरकार की केंद्र प्रायोजित और वित्त पोषित सड़क एवं राजमार्ग परियोजना है।
  • यह भारत की अन्य प्रमुख योजनाओं जैसे सागरमाला, समर्पित मालभाडा़ गलियारा (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर),औद्योगिक गलियारा (इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) , उड़ानआरसीएस, भारत नेट, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया की सक्षमकर्ता और लाभार्थी दोनों है।

 विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति के बारे में 

  • यह केंद्र के साथसाथ राज्य स्तरों पर मौजूद है (राज्य विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति या एसईईसी)
  • इसका गठन विकास परियोजनाओं के पर्यावरणीय मंजूरी पर सरकार को सलाह देने के लिए किया गया है।
  • जन सुनवाई को छोड़कर, ये सभी चरणों में शामिल होती हैं।

 पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA)  

  • यह एक प्रस्तावित परियोजना या विकास के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों के मूल्यांकन की एक प्रक्रिया है
  • ईपीए (EPA) और ईआईए (EIA) दोनों पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत प्रदान किए जाते हैं।

समाचार में स्थान/ क्षेत्र: मोंट ब्लैंक

 इसके बारे में: 

  • माउंट एल्ब्रस के बाद मोंट ब्लैक यूरोप का दूसरा सबसे ऊंचा पर्वत है
  • यह आल्प्स और पश्चिमी यूरोप का सबसे ऊंचा पर्वत है।
  • यह पर्वत ग्रेअन आल्प्स (Graian Alps) नामक श्रेणी में स्थित है, जो ओस्टा घाटी, इटली तथा सेवाई और हाउतेसेवाई, फ्रांस के क्षेत्रों के बीच है।

चित्र: Mont Blanc


(मुख्य लेख)


राजनीति/ शासन

विषय: सामान्य अध्ययन 2:

  • स्थानीय स्तर तक शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण तथा उसमें चुनौतियाँ।
  • सरकारी नीतियाँ और उनकी योजना तथा कार्यान्वयन से उत्पन्न मुद्दे।

लोगों को स्वयं को नियंत्रित करने में सक्षम बनाना (Enabling people to govern themselves)

संदर्भ: COVID-19 महामारी के परिणाम स्वरूप सभी स्तरों पर शासन प्रणाली, यानी वैश्विक, राष्ट्रीय, और स्थानीय स्तर, में तनाव का अनुभव किया गया है।

COVID-19 समय के दौरान शासन की चुनौतियाँ

  • समकालिक मुद्दे: कई उपप्रणालियों (subsystems) की अस्थिर स्थितियों को भी एक ही समय में संभालनास्वास्थ्य देखभाल, रसद, व्यापार, वित्त, और प्रशासन से संबंधित मुद्दे। 
  • विरोधाभास: एक उपप्रणाली के लिए समाधान, अन्य उपप्रणालियों पर उलटा प्रभाव डाल रही है।
  • उदाहरण के लिए, स्वास्थ्य संकट का प्रबंधन करना आसान बनाने के लिए लॉकडाउन ने आर्थिक संकट का प्रबंधन कठिन बना दिया है।
  • अन्य स्वास्थ्य मुद्दों से ध्यान हटा दिया है: COVID-19 द्वारा उत्पन्न जीवन के खतरे पर ध्यान केंद्रित करने के लिए संसाधनों के डायवर्जन (परिवर्तन) से अन्य बीमारियों से मौत की संभावना बढ़ गई है, तथा यहां तक कि भारत के कई हिस्सों में कुपोषण से होने वाली मौतों की संभावना भी बढ़ गई है।
  • अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं की कमज़ोरी को उजागर किया: वैश्विक स्तर (भारत में भी) पर शासन संस्थानों के योजनाओं में असंतुलन है, चुनौतियों के साथ इनका प्रबंधन करना भी आवश्यक हैं।

 वर्तमान शासन प्रणालियों की कमजोरी

  • एकीकृत दृष्टिकोण का अभाव: संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों में सूचीबद्ध वैश्विक चुनौतियाँ (SDGs) प्रणाली गत चुनौतियाँ एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं, जिनका संयुक्त राष्ट्र द्वारा तत्काल समाधान किया जाना चाहिए।
  • सीलोएड दृष्टिकोण (Silo-ed approach): पर्यावरण, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों को एक दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता है परंतु एजेंसियों द्वारा विशेषज्ञों ने केवल अपनी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया है
  • स्थानीय परिस्थितियों की उपेक्षा: सतत आजीविका के साथसाथ पर्यावरणीय सततता के समाधान केरल और लद्दाख तथा टोक्यो के एक समान नहीं हो सकते हैं।
  • जन भागीदारी का अभाव : स्थानीय लोगों के लिए समाधान के कार्यान्वयन का समर्थन करने के लिए, उन्हें यह अवश्य विश्वास होना चाहिए कि समाधान उनके लिए सही है, कि बाहरी विशेषज्ञों द्वारा एक समाधान उन पर थोप दिया जाना चाहिए। 

आगे की राहस्थानीय प्रणाली से संबंधित एक मामला 

  1. जनता का शासन केवल जनता के लिए नहीं होना चाहिए। यह जनता द्वारा भी अवश्य होना चाहिए कि सरकार को भारत के गाँवों और कस्बों में नागरिकों को अपने मामलों पर शासन करने के लिए शक्ति हस्तांतरित करनी चाहिए
  2. शासन के प्रति सोच और दृष्टिकोण में परिवर्तन
  • अच्छी सरकार का व्यवहार में प्रमुख सिद्धांत  ‘जनता की सरकार, सरकार द्वारा, सत्ताधारी राजनीतिक दल के लिए‘ (government of the people, by the government, for the political party in power) बन गया है।
  • प्रशासनिक अधिकारी अपनी भूमिका कोअच्छे शासन के समर्थकके बजायसरकार के समर्थकके रूप में देखते हैं इससे सत्तसीन सरकार की छवि मजबूत हुई है।
  • सरकारी योजनाओं की संख्या कई गुना हो जाने के कारण प्रशासन का काम जटिल हो गया हैकुछ केंद्र सरकार द्वारा और कुछ राज्य सरकार द्वारा डिज़ाइन की जाती है। 
  • इसके परिणामस्वरूप कार्य में अतिरेक (redundancy) और अक्षमता बढ़ी है।
  • जनता का, जनता के लिए और जनता द्वाराके समान सरकार की दृष्टि का एहसास करने के लिए लोगों को स्वयं को जागरूक करने के लिए समर्थन और सक्षम करना होगा।

निष्कर्ष 

जिन राज्यों और देशों में स्थानीय शासन मजबूत था, उन्होंने दूसरों की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। इससे पता चलता है कि शासन मॉडलों पर, विशेषतः सत्ता के विकेंद्रीकरण के गाँधीवादी शैली पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है।

Connecting the dots:

  • 73 वें और 74 वें संविधान संशोधन अधिनियमों के कार्यो का आलोचनात्मक विश्लेषण।

(TEST YOUR KNOWLEDGE)


मॉडल प्रश्न: (You can now post your answers in comment section)

ध्यान दें :

  • आज के प्रश्नों के सही उत्तर अगले दिन के डीएनए (DNA) सेक्शन में दिए जाएंगे कृपया इसे देखें और अपने उत्तरों को अपडेट करें।
  • Comments Up-voted by IASbaba are also the “correct answers”. 

Q.1) चाबहार बंदरगाह, जो हाल ही में समाचारों में था, कहाँ स्थित है?

  1. पारस की खाड़ी
  2. ओमान की खाड़ी
  3. अदन की खाड़ी
  4. लाल सागर

Q.2) डेलारामजरांज राजमार्ग किसे जोड़ता है?

  1. अफगानिस्तान और ईरान
  2. चीन और पाकिस्तान
  3. अफगानिस्तान और भारत
  4. ईरान और पाकिस्तान

Q.3) विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (Expert appraisal committee) के बारे में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. यह केवल केंद्र के स्तर पर मौजूद है।
  2. समिति पर्यावरण मंजूरी के सभी चरणों में शामिल होती है।

उपरोक्त में से कौन सा कथन सही है?

  1. केवल 1
  2. केवल
  3. 1 और 2 दोनों
  4. तो 1 और ही 2

Q.4) ‘भारतमाला परियोजनाके बारे में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें। 

  1. यह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा नौवहन मंत्रालय की एक संयुक्त परियोजना है।
  2. भारतमाला परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (NHDP) को शामिल किया जाएगा।

उपरोक्त में से कौन सा कथन सही है?

  1. केवल 1
  2. केवल
  3. 1 और 2 दोनों
  4. तो 1 और ही 2

Q.5) निम्नलिखित कथनों पर विचार करें

  1. भूपर्पटी (क्रस्ट) में जिस स्थान पर दोलन आरंभ होता है उसे उपरिकेंद्र (epicenter) कहा जाता है।
  2. उपरिकेंद्र के ऊपर सतही स्थान को फोकस (focus) कहा जाता है।
  3. फोकस Hypocentre के रूप में भी जाना जाता है। 

उपरोक्त में से कौन सा कथन गलत है?

  1. केवल 1 और
  2. केवल 1 और
  3. केवल 2 और
  4. उपरोक्त सभी

ANSWERS FOR 13 th JULY 2020 TEST YOUR KNOWLEDGE (TYK)

1  A 
2  D 
3  C 
4  C 
5  A 

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